कैब वाले की 2 घंटे चुदाई वाली ट्रीप
मैनें उसे उठाया और उसके मूंह में अपना लोड़ा घुसा दिया.. और वो उछल-उछल कर लोड़ा हलक तक लेते हुए चूसने लगी.. मुझे अब मजा आने लगा था.. वो औरत कमस से रंडी से कम नही थी.. साली थी 35 साल की लेकिन लोड़ा ले रही थी 18 साल की लड़की जैसे एक दम ध्यान लगा कर..
DESI SEX
Unknown
4/23/20261 min read
ये कहानी है उस वक्त की जब मैने लड़कियों को चोदना छोड़ कर औरतों की चूत में उंगली करने के ख्वाब देखने शुरू कर दिए थे.. और उसी दौर में मैने अपने एक सफर में एक औरत को चोद डाला
मेरा नाम संतोष है पेशे से कैब ड्राइवर हूं.. नोएडा दिल्ली के आस-पास के रूट पर कैब चलाता हूं..10 साल से यही काम कर रहा हूं तो अब लोगों के आव-भाव को देख कर, बोल-चाल को देख कर अंदाजा लग जाता है कि किस किस्म का व्यक्ति है..
ये कहानी ऐसे ही एक सफर की है.. उस रात में गुरुग्राम से वापसी कर रहा था नोएडा के लिए.. रात के 12 बज चुके थे.. कैब के लिए पैसेंजर मिल नहीं रहा था तो मैनें धौलाकुआं से गाड़ी नोएडा के लिए मोड़ ली.. एम्स के पास मुझे एक महिला ने सवारी के लिए हाथ दिया.. अस्पताल के आस-पास हमेशा लोग मिल ही जाते हैं.. तो मैनें भी सोचा अगर मेरे घर की तरफ जाना होगा तो बैठा लूंगा.. वरना मना कर दूंगा..तब तक मेरे मन में चुदाई जैसा की थ्याल नहीं था..
वो मैडम 35 साल की महिला थी.. दिखने में हाई क्लास की महिला थी.. और उन्होनें ग्रेटर नोएडा गौर सिटी के लिए मुझसे कहा.. मैने भी बैठा लिया.. वो मैडम आगे वाली सीट पर बैठ गई जहां बैठने की मनाही होती है.. मैने उन्हे मना किया कि आप पीछे वाली सीट पर बैठिए लेकिन वो नहीं मानी मैने भी फिर ज्यादा मना नहीं किया..
थोड़ी आगे बढ़ कर उस महिला ने मुझसे बातें करना शुरु कर दिया.. और चलती कार में सिगरेट पीने लगी.. मुझे भी ऑफर किया सुट्टा लेकिन मैं ये सब नहीं करता था तो मैनें बस उनकी बातों से ही मतलब रखा.. सिगरेट पीते-पीते उन्होनें मेरी जांघ पर हाथ रखते हुए कहा- कितना मिल जाता है एक राईड में..
मन तो किया की अभी गाड़ी साईड में लगा को लोड़ा घुसा दूं इसकी गांड में और जितने मिलते है सारे दाग दूं लेकिन मैने कंट्रोल किया..
मैने कहा- आप ये हाथ हटाईये.. पुलिस वाले ने देखा तो मैं परेशानी में पड़ जाउंगा
मैडम- टेंशन मत लो.. मैं संभाल लूंगी, तुम ये बताओ बीवी है
मै- सब हैं आप आराम से बैठ जाइये..
मैडम- डर तो ऐसे रहे हो जैसे पहली बार किसी औरत का हाथ पड़ा हो यहां..
ये बातें चल ही रही थी कि अचानक सामने बैरिकेड आ गया और मुझे पुलिस ने चैकिंग के लिए रोक लिया.. पुलिस वाले ने कहा की पैसेंजर पीछे बैठा और निकल..
मैनें फिर मैडम से रिक्वैस्ट की और उन्हें पीछे बैठाया और हम वहां से निकल गए..
थोड़ी देर बाद मैडम ने पेशाब का बहाना करके गाड़ी रुकवाई और फिर आगे आकर बैठ गई.. अब मेरा माथा सनक गया था.. बहन चोद इतनी बार समझाने के बाद ये मटकती गांड आगे आकर बैठ रही थी.. अब मेरा पक्का इरादा था की इसने अगर इधर उधर हाथ रखा तो सीधा लोड़ा ही इसके हाथ में थमा दूंगा.. और फिर ये अपने नहीं मेरे फ्लैट पर ही जाएगी..
और हुआ भी कुछ ऐसा.. उसने आगे आकर फिर मेरे लोड़े को पकड़ते हुए कहा.. देखो नखरो तो करो मत.. समझ तुम भी सब रहे हो..
मैने कहा- मैडम, चुदने का मन है तो ऐसे ही बोल दो ये बार-बार लोड़ा पकड़ने की जरूरत नहीं..
मैडम- अचानक मेरी तरफ देखने लगी
मैने कहा- अब देखो मत ऐसे, सीधे बोल देती पहले ही तो पहले चोद ही देता फिर फ्लैट तक पहुंचाता
मैडम- (लोड़ा दबाते हुए बोली)- कोई नहीं मेरे फ्लैट पर चोद देना.. वहां मै अकेली रहती हूं..
उनका फ्लैट आने में अभी 10 मिनट थे तब तक वो मेरे लोड़े को सहलाती रहीं और एक हाथ से अपनी चूत में उंगली डालती रहीं..
उनकी सोसाइटी में पहुंच कर वो बोली-
मैडम- तुम मेरे साथ ऊपर आओगे तो सब को शक होगा..एक काम करो मैं अपना एक बैग इसी में भूल जाती हूं.. तुम जाने के 10 मिनट बाद बैग वापस करने के लिए आना.. मै उनसे कहके तुम्हे ऊपर बुला लूंगी किसी को शक भी नहीं होगा..
मैने कहा- जैसे आपका मन, मुझे पैसे से मतलब है और आपको लंड से.. फिर कुछ भी तरीका करो
ये आईडिया काम कर गया और मैडम को छोड़ने के 20 मिनट बाद मैं फ्लैट के बाहर बैग लेकर खड़ा था..अब यहां से शुरू होती है मैडम की चुदाई..
जैसे ही दरवाजा खुला मैडम ब्लैक नाईटी में मेरे सामने थी.. बिल्कुल चुदने के लिए तैयार.. मै अंदर गया और टाईम देखा.. 1:30 बज चुके थे.. मुझे एक घंटो में चोद चाद के घर पहुंच जाना था..
मैने मैडम से कहा- ऐसे कितना बार कैब वालों से चुदी हो
मैडम- हर हफ्ते
मै- इतनी खुजली है तो एक बॉयफ्रैंड बना लो
मैडम- रोज-रोज नए लोड़े लेने में अलग ही मजा है..
मां कसम बड़ी ठरकी औरत थी वो.. खैर अपने को क्या मैने तुरंत उसे उठा के बिस्तर पर लेटाया.. और बोला-अब यही लोड़ा पसंद आएगा हमेशा..
तुरंत उसकी नाईट ऊप्पर की और पैंटी के उपर से ही चूत चाटने लगा.. उसे लगा की अभी तो माहौल बनेगा.. लेकिन मेने एक दम धावा बोलने की वजह से वो चौंक गई.. और जोर से आंहे लेने लगी.. मैने पैंटी चाटते हुए उसकी चूची दबाना भी शुरू कर दिया..
वो मजे लेने शुरू कर चुकी थी.. उसने दोनो पैरों से मेरे सिर को अपनी चूत के बीच दबा लिया.. मैनें फिर उसकी पैंटी उतार दी.. वो चूट क्या शानदार थी.. दिखने में वो औरत 35 साल की थी लेकिन उसकी चूत बिल्कुल 18 साल की लड़की जैसी.. पतली सी.. बिना बाल वाली एक दम चिकनी.. उसे देखते हि मेरे होश गायब हो गए..
अब मेरा इरादा बस पूरी रात उस चोदने का बन चुका था.. मैने उसकी चूत को लगातार 10 मिनट तक चाटा जिसमें वो 2 बार झड़ गई.. फिर मैने उसे उल्टा किया.. उसी मोटी-मोटी उभरी हुई गांड बिल्कुल टाईट हुई पड़ी थी.. मैने उसकी गांड को खोल कर उसके छेद को जीभ से छेड़ना शुरू किया.. बस इसी से वो पागल हो गई और जोर-जोर से चिल्लाने लगी.. उसने अपना गांड खोल ली और कोशिश करने लगी की मैं जीभ से ही गांड मार लूं..
धीरे-धीरे मैने उसके गरम कर दिया लेकिन मुझे अभी टाईम लगने वाला था.. 15 मिनट तक गांड चाटने के बाद मैनें उसे उठाया और उसके मूंह में अपना लोड़ा घुसा दिया.. और वो उछल-उछल कर लोड़ा हलक तक लेते हुए चूसने लगी.. मुझे अब मजा आने लगा था.. वो औरत कमस से रंडी से कम नही थी.. साली थी 35 साल की लेकिन लोड़ा ले रही थी 18 साल की लड़की जैसे एक दम ध्यान लगा कर..
उसका लोड़ा मूंह में लेने का अंदाज ही सबसे अलग था.. मैने फिर उसे घोड़ी बना दिया.. लोड़ा सख्त हो चुका था.. जैसे ही मैने पीछे से उसकी चूत में लोड़ा घुसाया वो जोर से चिल्ला पड़ी.. ऐसा लगा पहली बार उसने लोड़ा लिया हो.. क्योंकि लोड़ा सख्त हो चुका था इसलिए वो एक दम हथौड़े की तरह चूत में घुसा.. वो सिसकने लगी थी
अब मैने बिना देर किए जोर-जोर से उस घोड़ी को चोदना शुरू कर दिया.. उसने अपने हाथों से बेड को पकड़ रखा था.. जो मेरे जोरदार झटकों की वजह से हिलने लगा था.. पूरा बेड हिल रहा था.. में अपनी स्पीड बढ़ाता रहा और वो चीखती रही बेड हिलता रहा..सब अपना काम अच्छे से कर रहे थे
अचानक मैने उसे सीधा किया और उसके ऊप्पर लेट कर चूत में लोड़ा घुसा दिया.. उसने वी शेप नें पैर खोल लिए.. मैं उसके मुम्मे दबाने लगा उसे किस करने लगा तो धीरे-धीरे झटके भी देता रहा.. अब धीरे-धीरे झटकों से अलग ही मजा आ रहा था.. वो भी अपने मम्मे दबा रही थी.. मैने फिर अचानक से एक जोरदार झटका दिया.. लंड बच्चादानी से जा टकराया और वो बहुत जोर से चिल्लाई..
तभी दरवाजे पर दस्तक हुई.. गेट पर गार्ड था.. मुझे आए हुआ घंटाभर हो चुका था तो वो देखने आया था अब तक में पहुंचा नही कैब पर सब ठीक तो है ना..मैडम ने लेटे हुए ही अंदर से कहा- मैने रोका हुआ है.. कुछ शिफ्टिंग करा रही हुं.. चिंता मत करो मैं ठीक हूं..
ये सुन कर वो गार्ड वापस चला गया.. फिर वो बोली- ये समझ जाएंगे क्या मामाला है हम कल मिलेंगे कहीं बाहर.. अभी जल्दी से काम खत्म करो और निकलो..
उसने निकलो पूरा बोला भी नहीं था मैनें फिर एक झटका उसकी चूत में उतार दिया.. झटका इतना जोरदार था की वो लेटी पड़ी थी लेकिन लोड़ा झुसते ही उछल पड़ी और मुझे पकड़ लिया.. मै उसके चूचे पकड़ कर खड़ा हुआ और वही पकड़े-पकड़े फिर चोदने लगा..10 मिनट की नॉन-स्टाप चुदाई के बाद मैं झड़ गया.. वो तब तक अधमरी हालात में पहुंच चुकी थी.. मैनें झड़ा हुआ सारा प्रसाद उसके मूंह के ऊप्पर पूरे चेहरे पर झाड़ दिया.. वो आंखे बंद करके पड़ी रही..
मैने कपड़े पहन लिए पर वो वही नंगी पड़ी रही.. पैंटी सिर के पास पड़ी थी.. ब्रा उसकी गांड के नीचे पड़ी थी..नाईटी बेड के नीचे गिरी हुई थी.. वो चादर लपेट कर उठी.. मुझे अपना नंबर दिया.. एक किस की.. और वही चादर लपेटे-लपेटे दरवाजा बंद करने आ गई..
इसके बाद हम दोनों अगले दिन होटल में मिले.. और 5 घंटे वहीं लंड-चूत की जंग कराते रहे.. जिसपे मुझे पैसे भी अच्छे मिले..
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