मेरे जेठ, देवर.. सबने मुझे चोदा
आजकल की बेटियां तो लपककर अपने अब्बू का लोड़ा पकड़ लेती हैं तो उन्हें चोदने में कोई हर्ज़ नहीं है।
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Unknown
5/7/20261 min read
मेरा नाम है रेशमा.. नई-नई शादी हुई है.. शादी से पहले और अब भी मेरा ये अनुभव है..
बड़ा हो चाहे छोटा … सब भोसड़ी वाले मुझे देखकर अपना अपना लोड़ा सहलाने लगते हैं।
कुछ लोगों के तो लोड़ा पाजामे के अंदर ही खड़े हो जाते हैं और मुझे पाजामे के उभार से मालूम हो जाता है कि इसका लोड़ा खड़ा है।
सब साले मुझे चोदने की फिराक में घूमा करते हैं लेकिन मैं किसी को भी भाव नहीं देती।
मैं उसी को भाव देती हूँ जिसके लिए मुझसे मेरी ननद कहती है।
उसने तो मेरी सुहागरात में ही अपने शौहर का लोड़ा अपने हाथ से मेरी बुर में पेल दिया था। मेरी नंद चुदक्कड़ है.. और मेरे साथ बहुत ओपन है लेकिन चुदाई के मामले में
हम दोनों एक साथ ही रहते हैं..
हुआ यह कि मुझे मेरा शौहर रहीम चोद कर चला गया था. उसे गए हुए एक घंटा हो गया था।
इतने में मेरी ननद आयी और बोली- भाभी जान, कैसा लगा तुझे मेरे भाई जान लोड़ा?
मैंने कहा- लोड़ा तो बढ़िया है यार … चुदवाने में मज़ा आया।
वह बोली- अच्छा तो अब तुम मेरे शौहर से चुदवा लो प्लीज! वह जाने कबसे तेरी बुर लेने के फिराक में घूम रहा है बिचारा! उसे खुश कर दो भाभी जान और उसका लोड़ा अपनी चूत में पेलवा लो।
मैंने कहा- जरूर पेलवा लूंगी। उसे बुला लो न!
फिर उसने अपने हाथ से अपने मियां का लोड़ा मेरी बुर में पेला और मैं उसके आगे ही उसके मियां से चुदवाने लगी।
उसके शौहर का लोड़ा भी मुझे पसंद आ गया।
तभी से मेरी दोस्ती ननद के साथ पक्की हो गयी।
मेरी ननद का नाम है असमा और उसका शौहर है परवेज!
अब बची सास … तो मुझे यकीन हो गया कि वह भी किसी दिन कोई मोटा लोड़ा मेरी चूत में पेलेगी जरूर!
क्योंकि उसने मेरी शादी के पहले ही मेरी अम्मी जान से कहा था- मुझे चुदी हुई बहू चाहिए। अगर तेरी बेटी चुदी हुई है तो मैं अपने बेटे से उसका निकाह करने के लिए तैयार हूँ।
मेरे बेटे को भी चुदी हुई बीवी चाहिए ताकि उसे चुदाना सिखाना न पड़े और वह किसी से भी चुदवाने के लिए मना न करे बल्कि ख़ुशी ख़ुशी चुदवा ले।
चुदी हुई होगी तो वह खुद ही लपक कर सबके लोड़ा पकड़ लेगी और धमक कर चुदवा लेगी।
मेरी अम्मी ने जबाब दिया- मेरी बेटी अच्छी तरह चुदी हुई है और कई लोगों से चुदी हुई है।
लोड़ा चाहे कितना मोटा हो, लंबा हो, टेढ़ा हो या सीधा हो, मेरी बेटी उसे अपनी चूत में डाल कर भून डालेगी।
यह सुनकर मेरी सास बहुत खुश हुई थी।
मेरी सास का नाम है आफरीन नूरा।
मेरा ससुर है अफरीद!
अब मैं यही इंतज़ार करने लगी कि मेरी सास किसका लोड़ा मेरी चूत में पेलने वाली हैं.
दूसरे दिन मेरी सास मेरे पास आयी बोली- बहू रानी, पहले यह बता कि तेरी सुहागरात कैसी रही?
मैंने कहा- बहुत अच्छी रही सासु जी, मज़ा आ गया।
उसने पूछा- तेरी ननद कितनी बार आयी रात में तेरे पास?
मैंने कहा- यही कोई दो तीन बार आयी थी।
वह बोली- ठीक है. वो बुर चोदी बहुत बड़ी मादरचोद है. बड़ी बेशरम है, बड़ी बेहया और एअशफाक छिनार है भोसड़ी वाली।
अपने शौहर का लोड़ा सबकी बुर में पेला करती है। मेरी भी बुर में पेल चुकी है अपने मियां का लोड़ा!
एक बार नहीं कई बार पेला है उसने! तेरी ननद की माँ का भोसड़ा! तेरी ननद की बहन की बुर।
अपने मियां का लोड़ा किसी और की बुर में पेलती है और किसी और का लोड़ा अपनी बुर में पेलती है।
अपने मरद के आगे पराये मर्दों से खूब धकापेल चुदवाती है तेरी ननद,
बहू रानी। उसे सबकी बुर में सबके लोड़ा पेलने में बड़ा मज़ा आता है।
मैंने मन में कहा कि सासू जी मज़ा तो मुझे भी आता है सबके लोड़ा सबकी बुर में पेलने में! अब मैं क्या करूंगी अगर ये सब मेरी सास को पसंद नहीं है तो?
सास चली गयी तो ननद फिर आ गयी।
मैंने सास की सारी बातें ननद को सुना दीं।
ननद मुस्कराते हुए बोली- अरे भाभीजान, तुम नहीं जानती हो अपनी सास को! वह अव्वल दर्जे की चुदक्कड़ औरत है।
कुनबे में, नाते रिश्तेदारों में, गली मोहल्लों में कोई ऐसा लोड़ा नहीं है जिससे तेरी सास चुदवाती न हो?
सबके लोड़ा दनादन दनादन खुल्लम खुल्ला पेलवाती रहती है अपने भोसड़े में …
और दूसरों की चूत में भी पेलती रहती है। बोलती बहुत मीठा है, सबसे हंस कर बातें करती है, सबका ख्याल रखती है,
सबसे मजाक भी खूब करती है और सबको प्यार से मस्त मस्त गालियां भी सुनाती है तेरी बुर चोदी सास, भाभी जान?
वो आगे बोलती रही- मैं जब जवान हुई तो मेरी अम्मी ने ही लोड़ा मुझे पकड़ा दिया था। दूसरे दिन ही कहा बेटी आरा, लो ये लोड़ा अपनी माँ की चूत में पेल दो
और चुदा लो अपनी माँ का भोसड़ा। मैंने फिर पेल भी दिया। बस उसी दिन से मैं बेशरम भी हो गयी और बोल्ड भी। यही अम्मी मुझसे चाहती थी।
ये बातें हो ही रहीं थी कि मेरी सास फिर आ गयी।
आते ही बोली- बहू रानी, तेरी ननद की माँ का भोसड़ा!
ननद तो सामने ही खड़ी थी, वो बोली- भाभी जान, तेरी सास की बिटिया की बुर!
अब इन दोनों की गालियां सुनकर मैं कहा चुप रहने वाली थी! मैंने भी कहा- हाय मेरी ननद रानी, तेरी माँ की बहू की बुर!
फिर हम सब खिल खिलाकर हंसने लगीं।
“जानती हो बहू रानी, मैं जब बहू बेटियों के मुंह से प्यारी प्यारी मस्तानी गालियां सुनती हूँ तो बाग़ बाग़ हो जाती हूँ।
मेरा मन खिल उठता है। मेरी एनर्जी बढ़ जाती है। मैं अपने को अपनी बहू बेटियों की तरह ही जवान महसूस करने लगती हूँ।”
मेरी सास आफरीन नूरा बोली।
इतने में मेरी खाला सास की बेटी नूरा आ गयी। वह मेरी सास को खाला कहती है।
वह बोली- तेरी बहन का भोसड़ा खाला जान? तेरी बहन की बिटिया की बुर।
मेरी सास ने भी जबाब दिया – तेरी माँ की बहन की चूत, बेटी सहर! तू बुर चोदी अपनी माँ चोदकर आ रही है क्या? किसका लोड़ा पेला तूने अपनी माँ की चूत में बेटी सहर?
वह बोली- अरे खालाजान, पेलना तो था मुझे अपने शौहर का लोड़ा … पर गलती से पेल दिया अपनी ननद के शौहर का लोड़ा। मेरा शौहर मेरे पीछे आ रहा है तुम लोगों से मिलने।
थोड़ी देर में वह आ भी गया।
उसका नाम था फरार!
मैं उसे देख कर ललचा गयी क्योंकि वह बहुत ही हैंडसम था स्मार्ट था और हट्टा कट्टा था।
मैंने मन में कहा कि अगर इसका लौड़ा भी ऐसा ही हुआ तो मज़ा आ जायेगा।
कुछ देर बाद सहर ने कहा- यार आरा, अब मैं जा रही हूँ मुझे अभी एक पार्टी में जाना है। मेरा हसबैंड तुम्हारा साथ देगा।
सहर चली गयी।
मैं फरार को देखती रही।
फिर रात को अचानक मेरी ननद का ससुर आ गया।
वह भी मुझे अच्छा लगा।
मैं यह सोच रही थी कि अब मेरी सास क्या करेगी?
वह बाहर गयी और करीब करीब आधे घंटे के बाद वापस आयी और उसके पीछे एक मस्त अधेड़ उम्र का आदमी था.
उसको देख कर सच में मेरी चूत में आग लग गयी।
उसे देख कर ननद बोली- अरे अंकल, बहुत दिनों के बाद आये हो?
वह आरा को देख कर बोला- अरे आरा बिटिया, तुम तो बिलकुल जवान हो गयी हो। माशा अल्लाह बहुत हसीं हो गयी हो। बड़ी खूबसूरत लग रही हो!
अम्मी ने कहा- अब तो इसका निकाह भी हो गया है।
उसने मेरी सास के कान में कहा- चुदने के बाद लड़की हसीन ज्यादा हो जाती है भाभी जान!
मेरी सास बोली- लो अब तुम मेरी बहू से भी मिलो।
वह मुझे देख बोला- वाह क्या बात है … कितनी खूबसूरत और हॉट बहू है तेरी, भाभी जान! मन करता है कि इसे कच्चा चबा जाऊं।
तेरी बेटी बहू दोनों ही मुझे बहुत ज्यादा पसंद हैं भाभीजान!
फिर मेरी सास ने मेरा हाथ अंकल की लुंगी के अंदर घुसेड़ दिया और बोली- बहू, अब तू इसका लोड़ा बाहर निकाल कर खुद देख ले
और सबको दिखा भी दे।
उसके बाद उसने अपनी बेटी आरा का हाथ सहर के मियां के पाजामे में घुसा दिया और बोली- बेटी आरा, तुम इसका लौड़ा निकाल कर पहले चूमो चाटो और फिर सबको चारों तरफ घुमा घुमा के दिखाओ।
उसके बाद उसने खुद अपनी बेटी के ससुर का लोड़ा निकालने के लिए उसकी लुंगी में हाथ घुसेड़ दिया।
एक एक करके तीनों लोड़ा बाहर आ गए.
तो मेरी सास बोली- अब तुम लोग मिलकर हरामजादी सास का भोसड़ा चोदो, बहू की बुर चोदो और चोदो ननद की चूत!
मैं चाहती हूँ कि तुम लोग आज मेरे सामने ही मेरी बेटी, बहू की बुर चोदो और मेरी बेटी बहू के सामने मेरा भोसड़ा चोदो।
मैंने कहा- हाय मेरी सासू जी, अशफाक का लोड़ा तो 9″ का है और मोटा भी बहुत है। ये तो मेरी चूत आज ही फाड़ डालेगा।
वह बोली- तू तो पहले से ही चुदी हुई है। तेरी माँ ने कहा था कि मेरी बेटी हर तरह का लोड़ा पेलवा सकती है अपनी बुर में! अब पिलवा के दिखा इसका लोड़ा।
और सुन बुर चोदी बहू … लोड़ा चाहे कितना बड़ा और मोटा हो वह चूत फाड़ नहीं सकता। चूत फ़ैल जाती है फटती नहीं कभी!
फटती तो है बस गांड! आज यह मेरे सामने तेरी बुर चोदेगा।
उधर ननद बोली- हाय अम्मीजान, लोड़ा तो सहर के मियां का भी मोटा है पर मैं इसे भून डालूंगी अपनी चूत में!
सास बोली- शाबाश बेटी आरा … और मैं तेरे ससुर का लोड़ा भून डालूंगी अपनी बुर में घुसाकर। कीमा बनाऊंगी मैं तेरे ससुर के लोड़ा का!
मेरी सास फरीदा ने फरार का लोड़ा पकड़ कर अपनी चूत पर थोड़ी देर तक रगड़ा और गच्च से पेलवा लिया अंदर!
फरार अपना 9″ का लोड़ा सास के भोसड़ा में पेलने में देरी नहीं की और हच्च हच्च चोदने लगा।
वह भी मादर चोद मजे से चुदवाने लगी।
कुछ देर में मेरी सास बोली- तूने अपनी बहू की बुर चोदी है कभी?
वह बोला- नहीं, आरा बहू की बुर अभी तक नहीं चोदा। अभी तो उसने मेरा लोड़ा भी नहीं पकड़ा। मगर हां मैंने अपने बड़ी बहू की बुर चोदी है और कई बार चोदी है।
मैं सोच रहा हूँ कि आज मैं तेरे सामने ही अपनी बहू यानि तेरी बेटी की बुर में लोड़ा घुसेड़ूं। अभी तो मैं उसके सामने उसकी माँ का भोसड़ा चोद रहा हूँ.
फिर मैं तेरे सामने तेरी बिटिया की बुर चोदूंगा यानि अपनी बहू की चूत में लोड़ा पेलूँगा।
मैंने मन में कहा- बड़ा हरामजादा है साला मेरी ननद का ससुर?
मुझसे रहा न गया तो मैंने पूछ ही लिया- फरार अंकल, तू अपनी बिटिया की बुर चोदता है या नहीं?
उसने तपाक से कहा- हां चोदता हूँ। आजकल की बेटियां तो लपककर अपने अब्बू का लोड़ा पकड़ लेती हैं तो उन्हें चोदने में कोई हर्ज़ नहीं है।
हमारे यहाँ सब जायज़ है। कहा जाता है कि जो तेरा लोड़ा प्यार से पकड़ ले उसकी बुर चोदना नेकी का काम है।
और मैं यह नेकी हर उस औरत और लड़की के साथ करता हूँ जो मेरा लोड़ा पकड़ लेती है. फिर वह चाहे मेरी बेटी, मेरी बहू ही क्यों न हो?
मैं देर नहीं लगाता उसकी बुर चोदने में।
मैं भी बड़े मस्ती से अशफाक से चुदवा रही थी और मेरी ननद भी मेरे बगल में लेटी हुई सहर के मियां से चुदवा रही थी।
इस तरह से हम तीनों सास बहू और ननद की चूत चुदने लगी जिसे देख देख कर हम सब मज़ा ले रही थीं।
चुदाई का ऐसा संगम बहुत कम देखने को मिलता है।
हम तीनों एक दूसरी की चुदती चूत देख कर इसलिए ज्यादा खुश हो रहीं थीं कि सबकी बुर में पराये मरद का लोड़ा घुसा था और हर औरत को पराये मरद से चुदवाने में सबसे ज्यादा मज़ा आता है।
कुछ देर तक सब इसी तरह एक दूसरे को देखते हुए चोदते रहे और चुदाई की रफ़्तार बढ़ाते रहे।
फरार की नज़र अपनी बहू आरा की बुर पर थी।
वह बड़ी देर से आरा की बुर और उसकी चूँचियाँ देख रहा था।
फिर अचानक वह आगे बढ़ा और फरार का लोड़ा आगे खसका दिया और अपना लोड़ा घुसेड़ दिया आरा की बुर में यानि अपनी बहू की बुर में!
और एक लम्बी सांस लेकर बोला- वाह वाह अब मज़ा आ रहा है मुझे चोदने में। जी हां … अपनी नई ताज़ी बहू की बुर चोदने में!
उसकी बुर से निकला हुआ फरार का लोड़ा मेरी बुर में घुस गया और वह मुझे चोदने लगा।
मेरी बुर से निकला हुआ अशफाक का लोड़ा मेरी सास के भोसड़े में जा घुसा।
वह बोला- भाभीजान, आज बहुत दिनों के बाद मुझे तेरा भोसड़ा चोदने का मौक़ा मिला है।
चुदाई ने फिर रफ़्तार पकड़ ली।
मैं भी सहर के मियां से चुदवाने में कोई कसर छोड़ नहीं रही थी।
मैंने मजाक करते हुए पूछा- यार फरार, तूने अपनी बीवी की माँ चोदी है कभी?
वह बोला- हां चोदी है। अभी कल ही मैंने चोदा है अपनी बीवी की माँ!
मैंने फिर सवाल किया- अच्छा कोई तेरी बीवी भी चोदता है या नहीं?
वह बोला- सब चोदते हैं यार मेरी बीवी को … कुनबे के सारे लोग अपना लोड़ा पेलते हैं मेरी बीवी की बुर में।
मेरी बीवी भी सबसे खूब मस्ती से चुदवाती है। मैं यहाँ तुम्हें चोद रहा हूँ और वह वहां अपने चचाजान और खालू जान से चुदवा रही है।
दो दो लोड़ा से एक साथ चुदवा रही है।
मैंने सच जानने के लिए फोन किया और पूछा- सहर क्या हो रहा है वहां?
वह बोली- अरे यार, मेरा चचा जान मेरी बुर चोद रहा है और खालू जान अपना लोड़ा मेरे मुंह में पेल रहा है। मैं इन दोनों से एक साथ चुदवा रही हूँ।
तब तक सास बोली- अरे बहू रानी, यही तो खासियत है … हमारे यहाँ की चुदाई के मामले में कोई झूंठ नहीं बोलती सब सच बोलतीं हैं।
तभी तो एक दूसरे के आदमी से चुदवाने में मज़ा आता है। चुदाई की यह पारी ख़त्म हुई तो सब लोगों ने थोड़ा नंगे नंगे ही आराम किया।
अगली पारी में फरार यानि मेरी ननद का ससुर मुझे चोदने लगा.
फरार सहर का मियां मेरी सास का भोसड़ा चोदने लगा और अशफाक मेरी ननद की बुर लेने लगा।
अशफाक मेरी ननद की बुर चोदते हुए बोला- भाभीजान, तेरी बेटी तो चुदवाने में बड़ी एक्सपर्ट है। देखो न कैसे अपनी गांड उठा उठा कर मुझसे चुदवा रही है।
इसकी चूत भी बड़ी टाइट है और बड़ी हसीन भी है। इसकी चूचियाँ बड़ी मस्त हैं।
मेरी सास बोली- वो बुर चोदी बहुत बड़ी अय्याश हो गयी है। आरा की माँ की चूत! आरा की माँ की बहू की बुर!
उधर से ननद भी बोली- तेरी बिटिया की बुर अम्मी जान, तेरी बेटी की माँ का भोसड़ा
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