असलम की अम्मी की धकमपेल चुदाई
मैंने उसकी चूत में लन्ड घुसा दिया और मैं उसकी कमर पकड़कर चोदने लगा. अब वो अपनी गांड आगे पीछे करके मज़े लेने लगी थी।
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Unknown
4/27/20261 min read
नमस्कार दोस्तो, मैं आपका प्रदीर राघव
एक दिन मैं घर में अकेला बोर हो रहा था तो सोचा सोफिया जी के पास होकर आता हूं। सोफिया जी मेरे दोस्त असलम की अम्मी जान हैं..
मैं सीधा उनके घर पहुंचा दरवाजा खुला था मैं अंदर चला गया।
सोफिया जी रसोई में थी, वो घर में अकेली थी।
मुझे देखकर वो मुस्कुराने लगी और बोली- प्रदीप तुम कब आए?
मैं बोला- तुम्हारी याद आ रही थी तो आ गया।
सोफिया ने एक पतली मैक्सी पहनी हुई थी और उसकी बड़ी बड़ी चूचियां और बाहर निकली गांड साफ दिख रही थी।
उसने बताया वो भी अकेले बोर हो रही थी।
मैंने अंदर से दरवाजा बंद कर दिया और रसोई में जाकर सोफिया को पीछे से पकड़ कर चूमने लगा।
मेरे दोनों हाथ सोफिया की गांड को दबाने लगे।
सोफिया भी गर्म होने लगी थी उसने पलट कर अपने होंठों को मेरे होंठों से लगा लिया और मेरे साथ साथ वो भी होंठों को चूसने लगी।
अब हम दोनों बेकाबू हो चुके थे, मैंने वहीं किचन में अपने दोस्त की अम्मी की मैक्सी उतार दी.
वो बिल्कुल नंगी हो चुकी थी।
मैं उसकी चूचियों को मसलने लगा और उसकी गान्ड को सहलाना शुरू कर दिया।
उसने मेरे लोवर में हाथ डालकर लोड़े को बाहर निकाल लिया और सहलाने लगी।
अब मेरा लन्ड अपने आकार में आ गया और सोफिया ने मेरी टी-शर्ट बनियान उतार दी।
मैंने उसे दीवार पर टिका दिया और उसकी चूत में उंगली घुसा दी.
उईई ईईई ईईई ऊईई ईईई करके वो मचलने लगी।
उसने मेरे लौड़े को हिलाना शुरू कर दिया.
मैंने अपना लोवर अंडरवियर पूरे उतार दिये और दोनों नंगे हो गए।
सोफिया बोली- प्रदीप, बेडरूम में ले चलो.
मैंने कहा- नहीं, आज में किचन में ही चोदूंगा।
पास रखी चटाई बिछाकर मैंने सोफिया को लिटा दिया और उसकी चूचियों को मसलने लगा.
वो लोड़े को मसलने लगी।
फिर हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए और चूत/लोड़े चूसने लगे।
असलम की अम्मी सोफिया मेरे लोड़े को गपागप चूसने लगी और मैंने उसकी चूत को अपनी जीभ से चोदना शुरू कर दिया।
दोनों एक-दूसरे को पागलों की तरह चूस रहे थे और चटाई खिसककर लिपट गई।
मैंने उसकी चूत का पानी निकाल दिया और पूरा पी गया।
उसने मेरे लौड़े को जल्दी जल्दी चूसना शुरू कर दिया।
अब मैंने सोफिया के मुंह से अपना लन्ड निकाल लिया और उसकी चूचियों के बीच लोड़े रखकर चोदने लगा।
मैंने पास रखा सरसों का तेल चूचियों पर गिरा दिया अब लोड़े फच्च फच्च करके सोफिया की चूचियों को चोदने लगा।
अब सोफिया बोलने लगी मेरे मालिक अपनी बेगम को और न तड़पाओ अपना लन्ड मेरी चूत में घुसा दो।
आज मैं जल्दी में बिना चुदाई के मन से आया था तो कंडोम नहीं लाया था।
मैंने लोड़े पर थूक लगाया और चूत में रखकर धक्का लगाया लोड़े अंदर चला गया
सोफिया की सिसकारियां निकलने लगी.
मैंने लोड़े को अंदर बाहर करना शुरू कर दिया।
मैं दोनों चूचियों को पकड़ कर सोफिया को चोदने लगा।
अब सोफिया भी अपनी कमर उठा-उठा कर जबाव देने लगी।
आज बहुत दिनों बाद मैं सोफिया को चोद रहा था तो उसकी चूत आज टाइट लग रही थी।
अब मैंने इशारा किया तो सोफिया घोड़ी बन गई.
मैंने उसकी चूत में लन्ड घुसा दिया और मैं उसकी कमर पकड़कर चोदने लगा.
अब वो अपनी गांड आगे पीछे करके मज़े लेने लगी थी।
मैंने अपने झटकों की रफ्तार बढ़ा दी और थप थप थप थप करके जबरदस्त चोदने लगा।
किचन में सिसकारियों और थप थप थप की आवाज़ गूंजने लगी थी।
अब मैंने सोफिया को हॉल में चलने को कहा,
मैं सोफे पर लेट गया और सोफिया मेरे लौड़े पर बैठ गई.
अब वो लोड़े पर उछल उछल कर गांड़ पटकने लगी और लोड़े की सवारी करते हुए चुदाई का मज़ा लेने लगी। प्रोफेशनल रंडी की तरह..
सोफिया की बड़ी बड़ी चूचियां मेरे हाथों में आ गई और वो लोड़े पर उछल उछल कर अंदर तक लेने लगी।
अचानक से सोफिया की चूत ने लोड़े को कस लिया और झटके से पानी छोड़ दिया।
अब गीला लोड़े फच्च फच्च फच्च करके अंदर बाहर होने लगा।
मैंने सोफिया को सोफे पर उल्टा लिटा दिया और उसकी गान्ड में हाथ फेरने लगा.
वो समझ गई कि अब उसकी गान्ड में लन्ड जाने वाला है.और अब उसकी बुरी फटने वाली है..
मैंने उसकी गान्ड में थूक लगाया और लोड़े को छेद पर रख कर जोर का धक्का लगाया.
मेरी दोस्त की अम्मी चीखी- ऊईई ईईई ऊईईईई!
इस चीख की आवाज के साथ लोड़ा दन-दनाता हुआ अंदर चला गया.
मैंने लोड़े को थोड़ा बाहर निकाल लिया और फिर से घुसा दिया.
उसकी सिसकारियां निकलने लगी। 18 साल की चूत की तरह बेचारी कराहने लगी
मैं उसे स्पीड बढ़ा कर चोदने लगा। अब लोड़े गांड में अंदर तक आराम से जाने लगा। अब सोफिया खुद अपनी गांड को आगे पीछे करके लोड़े लेने लगी।
मैंने उसकी कमर पकड़कर अपनी रफ़्तार बढ़ा दी और तेज़ी से अंदर-बाहर गपागप गपागप चोदने लगा।
तब मेरा शरीर अकड़ने लगा और झटकों के साथ लोड़े ने अमृत की धार छोड़ दी.
सोफिया की गांड भर गई.
जब मैंने लोड़े निकाला तो मेरा अमृत मेरे दोस्त की अम्मी की गांड से निकलने लगा।
अब मैं भी साइड में लेट गया।
थोड़ी देर बाद सोफिया उठी और उसने मेरे लोड़े को चूस कर साफ़ कर दिया।
तब वो रसोई से बिरयानी लेकर आई; हम दोनों ने साथ में खाना खाया।
बिरयानी खाकर दोनों बैडरूम में आ गए.
थोड़ी देर बाद बिस्तर पर आकर एक-दूसरे को चूमने लगे.
सोफिया ने लोड़े को मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया।
थोड़ी देर बाद मेरा लोड़े पूरा खड़ा होकर तैयार हो गया.
मैंने सोफिया जी को बिस्तर पर लिटा दिया और उसकी चूत में लन्ड घुसा दिया.
मैं तेज़ तेज़ झटके पे झटके लगाने लगा.
वो भी आहह उह उम्मह हह आहह करके मस्ती से चुदवा रही थी।
मेरा लन्ड सोफिया की चूत की बांसुरी बजा रहा था और पूरे कमरे में हह उह उम्मह हह आहह की आवाज तेज हो गई थी।
अब मैं बिस्तर पर लेट गया और सोफिया मेरे लोड़े पर चूत टिका कर बैठ गई.
चुदाई की बारी अब सोफिया की थी; वो अपनी चूत से मेरे लोड़े को गपागप गपागप चोद रही थी।
सोफिया की चूत में लन्ड अंदर तक जाने लगा, उसकी बड़ी-बड़ी चूचियां मेरे हाथों में आ गई।
मैं उन्हें निचोड़ने लगा.
अब सोफिया ने अपनी रफ़्तार बढ़ा दी और तेज़ी से उछलने लगी.
मैं समझ गया कि अब वो जाने वाली है. मैंने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और 69 की पोजीशन में आ गया।
उसकी चूत में जीभ घुसा कर मैं चाटने लगा वो लोलीपॉप समझकर मेरा लोड़े चूसने लगी।
अब उसकी चूत को चाट चाट कर उसका पानी निकाल दिया और पी गया।
इसके बाद मैं सोफिया की गांड पर हाथ फेरने लगा और छेद में उंगली डालने लगा।
सोफिया ने मेरे लोड़े को चूस कर गीला कर दिया था.
मैंने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से गांड में लौड़ा घुसा दिया और चोदने लगा।
अब लोड़े गपागप गपागप अंदर बाहर अंदर बाहर अपनी रफ़्तार से दौड़ने लगा।
सोफिया की गांड से थप थप की आवाज़ तेज होने लगी थी।
अब गांड का सुराख खुलने से लोड़े आसानी से अंदर बाहर होने लगा था।
सोफिया की बड़ी गांड में जब लोड़े अंदर जाता तो उसकी बड़ी-बड़ी चूचियां हिलने लगती थी.
थोड़ी देर बाद मैंने सोफिया को लिटा दिया और ऊपर से चोदने लगा। अब लोड़े गांड में अंदर बाहर अंदर बाहर होने लगा.
मैं अब झटकों पे झटके लगाने लगा और थोड़ी देर बाद लोड़े ने नफ़ीसा की गांड में अमृत छोड़ दिया.
इसके बाद मैं सोफिया के ऊपर चिपक कर लेट गया.
मेरा अमृत गांड से बाहर निकल कर बहने लगा था.
थोड़ी देर बाद दोनों बाथरूम में साथ जाकर नहाये और वापस आकर कपड़े पहने.
शाम के 5 बज गए थे. फिर हमने एक-दूसरे को किस करना शुरू कर दिया और रसोई में आ गए.
सोफिया ने दो गिलास दूध गर्म किया और हम दोनों ने पीया.
फिर मैं अपने घर आ गया.
इस तरह दिन में ही मैंने अपने दोस्त असलम की चालू अम्मी सोफिया को चोद डाला.
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