ज़ोया की कड़क चूत औऱ परी की गदरीली गांड VS मेरा लोड़ा- PART-1
एक बार तो वो सोफे पर वी शेप में पैर खोल कर लेट गई. मैनें जैसे ही उसकी चूत में अपना हथौड़े जैसा लोड़ा घुसाया वो ज़ोर से चीख पड़ी.
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Unknown
5/21/20261 min read
chudai ki kahani में पढ़ें कि कैसे मेरे लंड ने एक लड़की की मदद से मेरी गर्लफ्रेंड को घनघोर तरीके से, जबरदस्त चोदा. और बाद में उस लड़की ने भी मेरे लंड पर अपनी चूत से झटके दिए.. और मेरे साथ खुब चुदी.
सभी कुंवारी चूतों को मेरे लठ जैसे लोड़े से आजाब, मैं प्रमोद आप आपको पिछले साल की एक chudai ki kahani सुनाने जा रहा हूं. ये चुदाई मैनें 3 साल पहले लड़की को हर तरह की पॉजिशन में चोद कर की थी.
मेरी इस hindi sex story को पढ़ कर लड़के, पहले अपने लंड को सहलाएं और लड़कियां अपनी चूत में उंगली दें.. और फिर जब मजा आ जाए और सबका झड़ जाए तब अपनी राय जरूर दें.
सबसे पहले मै कौन हूं
मेरी उम्र 26 साल है, मैं कश्मीर से हूं. मेरा रंग गोरा और हाइट 5 फुट 7 इंच है. मेरा लंड 7.1 इंच का है काफी मोटा है, और चूत, गांड या चूची देख कर तुरंत चुदाई के लिए तैयार हो जाता है.
ये sex kahani मेरे जीवन की आठवी घटना है.
अगर आप मुझे देखेंगे तो आपको मैं 16-17 साल का लड़का लगूंगा, लेकिन मैं 18 से लेकर 35 साल तक की चूतों के भयंकर भौकाली तरीके से कई बार चोद चुका हूं. और इस बार मेरी किस्मत को शायद कुछ और ही मंजूर था.
लगभग 3 साल पहले मैं एमएससी आईटी से यानि कंप्यूटर क्लास के लिए जाने लगा था.
उधर मैं एक गदरीलि गांड वाली लड़की से मिला, जिसका नाम ज़ोया (बदला हुआ) था. हालांकि ये कहानी ज़ोया की चुदाई को लेकर नहीं है.
मैं चूंकि पार्ट टाइम जॉब भी करता हूँ.
तो जॉब से 12 बजे निकलता था, आधा घंटा में अपना कुछ काम निपटाते हुए लगभग एक बजे मैं क्लास पहुंच जाता था.
क्लास 12.30 पर शुरू हो जाती थी लेकिन मैं उस क्लास मैं अकेला जॉब करने वाला लड़का था, जिस कारण मुझे लेट एंट्री मिल जाती थी.
मेरी एंट्री लेट होने की वजह से सभी की नजरें मेरे ऊपर टिकी रहती थीं. इस वजह से ज़ोया हमेशा मुझे देखती रहती थी. ऐसे जैसे अभी उसे मिल जाएं तो मेरे पूरे लंड को हलक तक लेकर मुंह में झड़वा लेगी.
ज़ोया भी एक 24 साल की मस्त गदरीली गांड और मोटे-मोटे मुम्मों वाली सेक्सी लड़की थी. उसे देखते ही मेरा लंड कच्छा फाड़ कर सीधे उसकी चूत में लैंडिंग के लिए तैयार रहता था.
क्लास में पहले से ही एक लड़का उसका ब्वॉयफ्रेंड था लेकिन उसके बाद भी ज़ोया मेरी या ये कहें की मेरे लंड की तरफ झुक रही थी.
ज़ोया ने एक बार मुझसे सीधे बात ना करते हुए एक दूसरी लड़की परी (बदला हुआ) से मेरे लिए पूछा. जिसके साथ मैंने बाद में अपनी kamukta को अंजाम दिया था और गोदी में उठाकर सेक्स किया था.
परी ने पहले मेरी और ज़ोया की दोस्ती कराई और फिर हम दोनों थोड़े ही वक्त में सेक्स पार्टनर बन गए.
ज़ोया के साथ मैं सिर्फ दो ही बार सेक्स कर पाया लेकिन उन ने दो बार के antarvasna मतलब सेक्स के दौरान मैं और परी आपस में काफी खुल गए थे. वो मेरे सेक्स करने के तरीके ज़ोया से सुनती थी और घर जाकर रात में नंगी होकर अपनी उंगली से कभी खीरे से अपनी चूत चोदती थी.. आंखे बंद करके मेरे बारे में सोचती थी और खूब चुदाई करती थी अपनी. ये मुझे बाद में उसी ने बताया
हम तीनों की आपस में काफी अच्छी पटने लगी थी.
कभी वो दोनों मेरे घर आ जातीं, तो कभी हम दोनों परी के घर चले जाते, तो कभी ज़ोया के घर.
जिधर भी महफ़िल जमती उधर बातें करने के बाद ज़ोया और मैं काफी देर तक चुम्माचाटी करते थे. मैं उसकी चूची चूसता था और अगर प्राइवेसी अच्छी होती तो उसकी चूत भी खूब चाटता था. उसे थोड़ी ही देर में पागल कर देता था. वो भी मेरे लोड़े को खूब चूसती थी. पूरी गीला कर देती थी चूस-चूस कर.
फिर जब पहली बार ज़ोया और मैंने चुदाई का प्लान बनाया तो ज़ोया ने मुझे अपने घर बुलाया और हम दोनों ने लगभग 4 घंटे उसके मां बाप आने तक चुदाई की. मैनें उसे उसके घर के हर कोने में ले जाकर चोदा.
पूरे घर में हम नंगे होकर घूमते रहे जहां मन करता वहां उसकी टांग उठाता और मेरा सरिये जैसा सख्त लोड़ा उसकी गुलाबी रंग की बिना बाल वाली बहुत टाईट चूत में घुसा देता.
वो चिल्लती रहती और में और ज़ोर से धक्का मारता रहता. मैने दबा-दबा कर उसकी चूची भी लाल कर दी थी. उसके गोरे बदन पर गुलाबी चूत और चूची बड़ा कहर ढ़ा रहीं थीं. बस यही वजह थी जैसे ही एक बार मैं उसे चोद कर हटता तो दोबारा मेरा उसे चोदने का मन बन जाता.
वो भी मेरे लंड को 1 मिनट में चूस-चूस कर खड़ा कर देती थी. और एक बार तो वो सोफे पर वी शेप में पैर खोल कर लेट गई. मैनें जैसे ही उसकी चूत में अपना हथौड़े जैसा लोड़ा घुसाया वो ज़ोर से चीख पड़ी.
यकीन मानिए अगर आप उसको टाईट कपड़ों मे देख लेते तो आपका लंड झड़ जाता. कपड़े उतार कर उसे देखने के बाद मेरे लंड का क्या हुआ होगा आप खुद सोच लीजिए. पहली बार ऐसा हुआ था जो मेरा लंड एक बार भी ढ़ीला नहीं पड़ा. उसे चोदता वो थोड़ी ढ़ीली पड़ जाती
फिर जैसे ही वो थोड़ी एक्टिव होती मैं फिर उसे चोदना शुरू कर देता. मैनें 3 बार उसकी चूत मारी. जिसके बाद उसकी कड़क चूत एक दम ढ़ीली पड़ गई थी. उसकी चूत लटक गई थी. फिर 2 बार उसक गांड मारी
जब पहली बार उसकी गांड में घुसाया तो गांड एक दम टाईट थी आसानी से लोड़ा घुसा भी नहीं. लेकिन 20 मिनट तक गांड मारने के बाद वो इतनी ढ़ीली हो गई की फिर दोबारा घुसाते वक्त लंड आसानी से घुस गया. और इतनी ढ़ीली हो गई गांड की मुझे मज़ा भी नहीं आया
फिर मैने उसी चूचीयों को आपस में दबा कर उसमें लंड घुसाकर मजे लिए. उसका मुंह खुलवाया चूचियों के पास लेकर आया ओर चूचि चोदते हुए हर बार लोड़ा उसे मूंह में डालता रहा.
उसने सोचा कितना ही चोद लेगा. एक बार-दो बार लेकिन मैनें उसकी ऐसी चुदाई की जिसके बाद वो फटा हुआ ढ़ोल हो गई. पड़ी रही बिस्तर पर.
फिर मैं उसी किचन में ले गया उसे नीचे बैठाया और पूरा लोड़ा उसे मूंह में दे दिया. हलक तक अंदर बाहर करता रहा. अब वो पूरी तरह थक चूकी थी. मुझसे उसनें कहा भी कि बस करो अब बहुत हो गया. लेकिन उसे नहीं पता था कि मेरे लंड की जवानी उसकी दिवानी हो गई थी.
2 बार उसके मूंह में झाड़ने के बाद मैं शांत हुआ. फिर हम दोनो किचन में ही लेट गए. उसकी हिम्मत कमरे में जाने की भी नहीं थी. मै उसकी चूत को लेट-लेटे सहलाता रहा और वो मेरे लंड को हिलाती रही. लेकिन अब मेरा लंड भी सो चुका था. और वो सच में इस बात से खुश थी
फिर हमने कपड़े पहने उसने मुझसे कहा भी कि तुम तो कमाल ले भी ज्यादा कमाल आदमी हो. तुम तो 45-50 साल की औरत को भी चोदना शुरू करो तो उसमें जवानी लौटने लगे. तुम उसे भी झाड़ दो.खैर इस तरह हमारी पहली चुदाई का समापन हुआ
दूसरी बार परी के घर में ज़ोया को चोदा था.
कुछ महीनों बाद मैं और ज़ोया अलग हो गए. क्योंकि ज़ोया अब चुदने में नखरे दिखाने लगी थी. चुदती नहीं थी शायद पहली चुदाई से वो डर गई थी. वो उसका पहली बार था जब मेरी antarvasna नें मेरे लंड को जरीए उसी कुंवारी चूत को इतना चोदा की पहली बार में ही वो ढ़ीली पड़ गई. उसी ब्रा पैंटी का नंबर भी बढ़ गया था.
क्लास में लड़के कहने भी लगे थे इसी गांड देखो चूची देखो ये अब कायदे से लोड़ा लेने लगी है. और ये बात उसको पता लग गई थी शायद यही वजह थी वो डर गई थी मेरी चुदाई से. लेकिन उसकी सील तोड़ने में मज़ा बड़ा आया था.
लेकिन अब क्या करें वो मुझसे दूर जाने लगी थी मैं और परी अब हम दोनों ही बचे थे और हम करीब आ गया था.
परी मेरे साथ बहुत खुल गई थी. वो मेरी जांघ पर हाथ रख देती मेरे सामने मेरे लोड़े को ताड़ती रहती एक बार तो क्लास में बैठ कर वो मेरे लंड को देखते-देखते अपनी चूत सहला रही थी. लेकिन मुझे नहीं पता था कि मेरी ज़ोया से साथ चुदाई की वजह से हम दोनों इतने करीब आ जाएंगे.
परी के साथ chudai ki kahani अगले पार्ट में..
उम्मीद है ये वाली hindi sex story आपको बहुत पसंद आई होगी. अगले पार्ट में आपको मैं बताऊंगा मेरी और परी की antarvasna से भरी kamukta की हर ऊंचाई को छूने वाली sex kahani.
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चलिए अब मेरी और परी की hindi sex story सुनिए
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