भावना की भौकाली चूत की चीर-फाड़-PART-1
मैंने नीचे सरक कर उसकी चूत पर जीभ लगा दी और चूत को चाट कर साफ कर दिया.ऐसा चाटा की वो पागल हो गई, वो सांस भी नहीं ले पा रही थी.. इतनी जोर से सिसक रही थी.
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Unknown
5/13/20261 min read
ये कहानी मेरी मामी की बेटी के साथ पहली चुदाई की है. हम दोनों एक दूसरे को पसंद करते थे पर चुदाई का मौक़ा उसी के घर में मिला.
दोस्तो, मेरा नाम राहुल है और मैं भोपाल का रहने वाला हूं.
मैं यहां पर अपने परिवार के साथ ही रहता हूं.
मेरी उम्र 25 साल है. दिखने में स्मार्ट हूं, रोज जिम करता हूं.बॉडी अच्छी बनी हुई है.
मेरा लंड का साइज 5.8 इंच है. मेरी लम्बाई 5 फीट 6 इंच है.
मैं एक बिजनेसमैन हूँ. छोटे स्तर का व्यापार करता हूं. अभी साथ में पढ़ाई भी चल रही है,
आज मैं आप लोगों को एक चुदाई कांड की एक घटना के बारे में बताने जा रहा हूं.
ये सेक्स मेरे और मेरी मामी की लड़की के बीच हुआ था.
मेरी मामी की लड़की का नाम भावना है. भावना मेरी गर्लफ्रेंड भी है.
भावना देखने में बहुत अच्छी है और उसकी उम्र 20 साल है. उसका कद 5 फीट 3 इंच का है. उसका फिगर 34-28-36 का है.
यह तब की बात है, जब वो पढ़ाई कर रही थी.
हम दोनों चुदाई से पहले एक साल से प्यार के रिश्ते में थे. इसलिए जब भी मिलते थे तो हम दोनों किस कर लेते थे और मैं उसके बूब्स को भी दबा देता था.
हम दोनों व्हाट्सएप पर बहुत बातें भी करते थे और व्हाट्सएप में कभी कभी रोमांटिक बात भी करते थे इसलिए वो मुझसे जल्दी ही गर्म हो जाती थी.
वो बार-बार मुझसे मिलने के लिए जिद करती थी इसलिए मैं अचानक उससे मिलने चला गया और उसको सरप्राइज दिया.
मुझे देख कर वो बहुत खुश हुई और उसकी मम्मी भी मुझे देख कर बहुत खुश हुईं.
उसके घर में मुझे सब बहुत मानते हैं.
भावना उस टाइम कॉलेज में पढ़ाई करती थी, वो कॉलेज ज्यादा नहीं जाती थी, घर पर ही रह कर पढ़ाई करती थी.
जब मैं उसके घर पहुंचा, तो शाम के करीब 5 बजे गए थे.
भावना तो मुझे देखते ही मामी सामने ही मेरे गले लग गई.
उस दिन उसका भाई नहीं दिख रहा था.
मैंने मामी से पूछा- राजा नहीं दिख रहा है?
मामी बोलीं- वो स्कूल की तरफ से पटना टूर में गया है.
मैं यह सुन कर बहुत खुश हुआ और मैंने भावना की तरफ देख कर आंख दबा दी.
फिर मैंने और मामी ने बैठ कर बहुत सारी बातें कीं.
उसके बाद मामी बाथरूम गईं, तो मैंने भावना के पास जाकर उसके होंठों पर एक किस किया और उससे कहा- आज हम दोनों सुहागरात मनाएंगे.
ये सुनकर भावना ने मुझे फिर से किस कर दी.
तभी बाथरूम का दरवाजा खुलने की आवाज आई तो हम दोनों अलग हो गए.
उसकी मम्मी बाहर आ गईं.
मैं बस भावना को ही देख रहा था.
फिर 7 बज गए तो भावना के पापा भी दुकान से आ गए.
उसके बाद हम सब लोग खाना खाने लगे. डिनर के बाद हम सभी बात करने लगे.
फिर मामी मुझसे बोलीं- तुम बहुत थक गए होगे राहुल, तो अब तुम सो जाओ. तुम भावना के रूम में जाकर सो जाओ. बाकी बातें सुबह करेंगे.
उस टाइम 9:15 बजे गए थे.
मैं और भावना उसके रूम में चले गए और भावना की मम्मी और पापा अपने रूम में सोने चले गए थे.
हम दोनों जब रूम में आए, तो भावना मुझसे गले लग गई और किस करने लगी.
मैंने भावना से कहा- आराम से डार्लिंग … आज पूरी रात दोनों को एक साथ ही रहना है.
भावना बोली- हां यार, इतने दिनों के बाद आज इतना अच्छा मौका मिल रहा है.
मैं बोला- आज मैं पूरी रात तुमको मजा दूँगा डार्लिंग.चोदूंगा,,चाटूंगा,,दबाऊंगा..
वो हंसने लगी.
मैंने उसके माथे पर किस किया और हम दोनों अलग हो गए.
फिर वो मेरे सामने ही अपनी ड्रेस चेंज करने लगी.
उसने अपना कुर्ता उतारा तो मैं उसकी चूचियों को बनियान में कैद देख कर पागल हो गया.
फिर उसने मदमस्त निगाहों से मेरी तरफ देखते हुए अपनी सलवार का नाड़ा ढीला किया और नाड़ा छोड़ दिया.
आह मेरी बहन मेरे सामने सिर्फ बनियान पैंटी में रह गई थी.
मैं उसे देख कर अपने लंड को सहलाने लगा.
अब उसने मेरे सामने ही एक वाइट कलर की टी-शर्ट और बनियानउन कलर का ट्राउजर पहन लिया.
उसके बाद मैंने भी अपनी जीन्स और चड्डी दोनों को खोला, तो वो मेरे खड़े और चिकने लंड को देख रही थी.
वो लंड को ललचाई नजरों से देख रही थी और अपने होंठों को दांतों से चबा रही थी.
मैंने लंड सहलाते हुए उससे कहा- टेंशन मत लो जान … आज ये तुम्हारा ही है.
इस पर वो शर्मा गई.
अब मैंने ट्राउजर पहन लिया और अपनी शर्ट खोल कर टी-शर्ट पहन ली.
उसके बाद मैं और भावना एक ही बेड में लेट गए.
बेड में जाते ही मैं भावना के रसभरे होंठों को चूसने लगा और वो मेरा साथ देने लगी.
फिर मैंने किस करते करते उसकी टी- शर्ट के ऊपर से मम्मों को जोर जोर दबाने लगा.
वो मस्त होने लगी.
मैंने उसकी टी-शर्ट के अन्दर हाथ डाला और बूब्स दबाने लगा.
उसकी आंखों में प्यास बढ़ती दिख रही थी तो मैंने उसकी टी-शर्ट को हटा दिया.
मेरे सामने मेरी बहन की रेड कलर की रेशमी बनियान थी.
उस समय उसके गोरे मम्मों पर लाल बनियान बहुत ही अच्छी लग रही थी.
मैं बनियान के ऊपर से ही उसकी चूचियों को एक एक करके दबा रहा था.
उसने धीरे से कहा- चूसोगे नहीं?
मैं तो समझो घायल ही हो गया और उसके एक बूब्स के निप्पल को अपने होंठों में दबा कर चूसने लगा.दूसरे को कड़क तरीके से दबाने लगा.. पूरा हाथ पकड़ नहीं पा रहा था उसके मुम्में..
मेरे चूसने से उसकी कामुक आंह निकल गई और वो अपने हाथ से मुझे बूब्स पिलाने लगी.
फिर मैंने उसकी बनियान को खोल दिया और बारी बारी से अपनी बहन भावना के दोनों मम्मों को चूसने लगा और दबाने भी लगा.
हम दोनों को बहुत मजा आ रहा था.
फिर मैं उसकी नाभि में किस करने लगा तो उसको बहुत मजा आने लगा.
अब मैंने उसका ट्राउजर और चड्डी दोनों को एक साथ उतार दिया.
उसकी चूत पहले से गीली हो चुकी थी.
मैंने नीचे सरक कर उसकी चूत पर जीभ लगा दी और चूत को चाट कर साफ कर दिया.ऐसा चाटा की वो पागल हो गई, वो सांस भी नहीं ले पा रही थी.. इतनी जोर से सिसक रही थी..
मैं उसकी चूत को अब चूसने लगा था.
उससे रहा नहीं जा रहा था, वो बोलने लगी- आंह राहुल अब और मत तड़फाओ … जल्दी से अन्दर डालो.
मैंने कहा- क्या अन्दर डालना है बहन जी?
वो मेरे बहन जी कहने पर शर्मा गई और धीमे से बोली- भइया अपना लंड अपनी बहन की चूत में डालो न!
मैं भी भाई बहन के इस सेक्स भरे रिश्ते को परवान चढ़ते देख कर वासना से भर उठा.
मैंने जल्दी से अपने कपड़े उतारे और अपने लंड को उसके मुँह के पास ले गया.
जब मैंने भावना से लंड चूसने को बोला तो उसने मना कर दिया.
मैंने उस वक्त तो कुछ नहीं कहा पर मन में सोच लिया कि मैं अपनी बहन से अपना लंड जरूर चुसवाऊंगा.
उसके बाद मैंने तुरंत अपना लंड उसकी चूत पर लगा दिया और चुत की फांकों में लंड का सुपारा रगड़ने लगा.
वो ‘आह्ह्ह … आह्ह्ह … ’ करने लगी और बोली- अब अपना लंड चुत के अन्दर डाल दो ना प्लीज़ … मुझसे और नहीं रहा जा रहा है!
मैंने उसकी एक टांग को अपने कंधे पर लिया और लंड को उसकी चूत में सैट करके एक जोर से झटका दे मारा.
अभी मेरे लंड का सुपारा ही उसकी चूत में गया था कि उसने दर्द से कराहते हुए मुझसे कहा- आंह भाई मर गई … तुम अपना लंड बाहर निकालो!
इससे आगे की कहानी अगले पार्ट में
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